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इस बात में दोराय नहीं है कि बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› माह आपके लिठचà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ à¤à¤°à¥‡ होने वाले हैं। नवजात शिशॠको हर दो घंटे में आपको दूध पिलाना होगा, नियमित अंतराल पर उसका डायपर बदलना...
इस बात में दोराय नहीं है कि बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› माह आपके लिठचà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ à¤à¤°à¥‡ होने वाले हैं। नवजात शिशॠको हर दो घंटे में आपको दूध पिलाना होगा, नियमित अंतराल पर उसका डायपर बदलना होगा, उसके शरीर के तापमान पर आपको नजर रखनी होगी और साथ ही उसे वह माहौल à¤à¥€ देना होगा, जिसमें वह चैन से सो सके। यह पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ नठअà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• के लिठआसान नहीं होती। पर, विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² को लेकर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तनाव पाले बिना à¤à¥€ सà¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बखूबी निà¤à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है, कैसे? आइठजानें:
बचà¥à¤šà¥‡ को बार-बार लगाà¤à¤‚ गले
कà¥à¤¯à¤¾ आप जानती हैं कि नवजात शिशॠको à¤à¥€ इस à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡ की जरूरत होती है कि वह पूरी तरह से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हाथों में है? बोलकर ननà¥à¤¹à¥‡ से बचà¥à¤šà¥‡ को आप यह जता नहीं सकतीं कि आप उससे कितना पà¥à¤¯à¤¾à¤° करती हैं, इसलिठइस काम को करने के लिठउसे गले लगाà¤à¤‚ और बार-बार गले लगाà¤à¤‚। गले लगाने पर या गोद में लेने पर बचà¥à¤šà¤¾ खà¥à¤¦ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करता है। आपके à¤à¤¸à¤¾ करने से वह रोà¤à¤—ा à¤à¥€ कम और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबी नींद à¤à¥€ ले पाà¤à¤—ा। à¤à¤¸à¤¾ करने से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ नाम का हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ निकलता है, जिसे बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ न सिरà¥à¤« सेहत दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रखता है बलà¥à¤•ि उसके शारीरिक तापमान को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में मदद करता है।मां का दूध है जरूरी नवजात को सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ताकत देने वाला और हर बीमारी से बचाने वाला मां का दूध ही होता है। इसमें बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¤à¥€ जरूरी पोषक ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं। दूध पिलाने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को बरà¥à¤ªà¤¿à¤‚ग यानी डकार दिलाना ना à¤à¥‚लेंं। à¤à¤¸à¥‡ नहलाà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ को हर दिन नहलाà¤à¤‚। इस गलतफहमी में न रहें कि बचà¥à¤šà¥‡ को ठंड के मौसम में नहीं नहलाना चाहिà¤à¥¤ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ तापमान में और गà¥à¤—नà¥à¤¨à¥‡ पानी से आप नवजात बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ हर दिन नहला सकती हैं। जब तक बचà¥à¤šà¥‡ का गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² सूखकर निकल न जाà¤, तब तक बचà¥à¤šà¥‡ की सफाई सà¥à¤ªà¤‚ज से ही करें। बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤ªà¤‚ज बाथ देना बेहद आसान है। à¤à¤• छोटे-से टब में गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी लें और उसमें बेबी लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ सोप डालकर मिलाà¤à¤‚। साफ-सूती कपड़े या फिर सà¥à¤ªà¤‚ज को उस पानी में डà¥à¤¬à¥‹à¤à¤‚ और उससे बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤ªà¤‚ज करें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे, बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सफाई बेहद हलà¥à¤•े हाथों से करनी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होती है। आंख, नाक और कान आदि पर साबà¥à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करें। इन हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की सफाई सिरà¥à¤« गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से करें। सबसे अंत में साफ पानी से साबà¥à¤¨ का à¤à¤¾à¤— साफ करें और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® तौलिये से बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को पोंछ दें। साफ-सफाई में न हो अनदेखी नवजात शिशॠकी साफ-सफाई का बहà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ शिशॠके पास हाथ धोकर ही आà¤à¤‚। उसका बिसà¥à¤¤à¤°, तकिया, तौलिया, यहां तक कि पहनाठजाने वाले कपडे़ à¤à¥€ धोने के बाद à¤à¥€ à¤à¤• बार डेटॉल वाले पानी में जरूर डà¥à¤¬à¥‹à¤à¤‚। नवजात बचà¥à¤šà¥‡ की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बहà¥à¤¤ कमजोर होती है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ पकड़ने का खतरा à¤à¥€ जलà¥à¤¦à¥€ होता है। नवजात को किसी à¤à¥€ तरह की बीमारी के खतरे से बचाने के लिठखासतौर पर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ तीन-चार माह तक सतरà¥à¤•ता बरतें। डायपर का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ हो ठीक बचà¥à¤šà¥‡ के लिठन सिरà¥à¤« अचà¥à¤›à¥€ कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ का डायपर का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें, बलà¥à¤•ि उसे पहनाते वकà¥à¤¤ à¤à¥€ इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उसे रैशेज होने की आशंका न हो। इस मामले में डिसà¥à¤ªà¥‹à¤œà¥‡à¤¬à¤² डायपर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सबसे उपयà¥à¤•à¥à¤¤ रहता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें नमी इकटà¥à¤ ा नहीं होती। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रैशेज के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से नमी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होती है। डायपर बदलने से पहले और बाद में साबà¥à¤¨ से हाथ धोने की आदत डालें। साथ ही à¤à¤• बात गांठबांध लें। पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ डायपर हटाने के बाद इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि वह हिसà¥à¤¸à¤¾ पूरी तरह से सूख जाà¤, उसके बाद ही दूसरा डायपर पहनाà¤à¤‚। अगर डायपर वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ में हलà¥à¤•ी-सी à¤à¥€ लाली नजर आठतो वहां हर बार नया डायपर पहनाने से पहले पेटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जेली या बेबी पाउडर लगाà¤à¤‚।सोने का हो तय समय इस गलतफहमी में न रहें कि छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को कोई आदत नहीं डाली जा सकती है। नवजात बचà¥à¤šà¥‡ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में 16 से 17 घंटे तक सोते हैं। पर, वो अपनी यह नींद à¤à¤• तय पैटरà¥à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पूरा करते हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के सोने और जगने के पैटरà¥à¤¨ की नबà¥à¤œ पकड़ने में आपको परेशानी हो सकती है, पर धीरे-धीरे आपको यह अंदाजा हो जाà¤à¤—ा कि बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• बार में कितने घंटे की नींद लेता है। बचà¥à¤šà¥‡ को धीरे-धीरे दिन और रात का फरà¥à¤• महसूस करवाना शà¥à¤°à¥‚ करें। जब वह थोड़ा-बहà¥à¤¤ खेलना शà¥à¤°à¥‚ कर दे तो दिन के वकà¥à¤¤ उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾-से-जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खेलने की कोशिश करें, वहीं रात में कमरे की रोशनी कम कर दें और इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शोर कम हो, ताकि बचà¥à¤šà¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक सो सके।
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